2026-03-01
वैदिक कुंडली क्या होती है?
जन्म कुंडली, लग्न, राशियाँ और जन्म समय क्यों जरूरी है — सरल परिचय।
वैदिक कुंडली आपके जन्म के क्षण के आकाश का मानचित्र है — स्थिर नक्षत्रों के अनुसार।
पाश्चात्य सूर्य-राशि स्तंभों से अलग, वैदिक गणना भारत में प्रचलित मानक पद्धति (लाहिरी) से ग्रह स्थिति नक्षत्रों से मिलाती है।
लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है — इसलिए भावों के लिए सही जन्म समय आवश्यक है।
इस साइट की मुफ्त कुंडली लग्न, ग्रह, भाव, योग और जीवन काल दशा का स्पष्ट आरंभ बिंदु है। गहन उपाय व्यक्तिगत परामर्श में बेहतर हैं।